Wed. Mar 3rd, 2021

शक्ति न्यूज अल्मोड़ा |

1918 से प्रकाशित शक्ति अखबार का डिजीटल प्लेटफार्म

चमोली जनपद में आये आपदा में सर्च टीम द्वारा अब तक निकाले गये 32 शव, रेस्क्यू जारी

1 min read
Slider

प्रदेश के चमोली जनपद के रैणी तपोवन क्षेत्र में रविवार को आयी भंयकर आपदा ने राज्य सहित पूरे देश को झंझोर कर रख दिया। जिसमें राहत और बचाव अभियान अभी तक जारी हैं। इस राहत बचाव कार्य में अब तक सर्च टीम द्वारा 32 लोगों के शव बरामद कर लिये गये है और इसके साथ ही कई स्थानों से 9 मानव अंग भी बरामद हुवे हैं। बचाव खोजी दल लगातार सर्च अभियान में जुटा है जिसमें रैणी, तपोवन, जोशीमठ, रतूडा, गौचर, कर्णप्रयाग, रूद्रप्रयाग, श्रीनगर डम क्षेत्र सहित अलकनंदा नदी के तटों पर लगातार लापता लोगों की तलाश की जा रही हैं और दूसरी ओर विद्युत परियोजना के तपोवन टनल मे फंसे लोगों को रेस्क्यू करने का अभियान जारी है। इस टनल में अभी 35 से 40 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया स्वयं इस रेस्क्यू कार्य की मॉनटरिंग कर रही है। उन्होंने लापता लोगों की जानकारी के लिए तपोवन घटना स्थल पर पूछताछ केंद्र भी स्थापित किया है। साथ ही टॉल फ्री दूरभाष— 1077 और 011372—251435 नंबर भी जारी किया है। साथ ही यहां पहुंचे घटना में लापता हुवे लोगों के परिजनों के लिए प्रशासन द्वारा जलपान और भोजन की व्यवस्था की जा रही हैं और जनपद के सीमांत क्षेत्रों में जहां सपर्क मार्ग टूट गया है उनको फिर से जोड़ने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जोरो से चल रही है। साथ ही इन संपर्क विहीन गांवो में जिला प्रशासन द्वारा हेलीकाप्टर के माध्यम से लगातार राशन के क्रिट, मेडिकल व रोजमरा की साम्रागी पहुंचायी जा रही है। राशन के क्रिट में पांच किलो आटा, पांच किलो चावल, 1 किलो चीनी, दाल, तेल मसाले आदि मिलाकर राशन के क्रिट बनाये गये है। बीते मंगलवार तक जिला प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र में फंसे 126 लोगों को रेस्क्यू कर उनके गंतत्व तक पहुंचाया गया।
इस आपदा के चौथवें दिन में लगातार रेस्क्यू जारी है अब भी 174 लोगों के लापता होने की अशंका जताई गयी है और अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है। टनल में जल स्तर बढ़ जाने से रेस्कयू आपरेशन में काफी परेशानी आ रही है।
आईटीबी के डीप्टी कामांडेट ए के डबराल ने बताया कि तपोवन टनल के अंदर आये बड़े बड़े बोडर रेस्क्यू में मुश्किल पैदा कर रहे है। साथ ही लापता लोगों की तलाश के लिए ड्रोन और लेंजर इमेजिंग का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस आपरेशन में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आटीबीपी तथा राज्य पुलिस सभी मिलकर समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहे है और रणनीति के तहत रेस्क्यू किया जा रहा है। बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिक से अधिक मशीनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

Copyright © शक्ति न्यूज़ | Newsphere by AF themes.