June 18, 2021

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बच्चों की लेखन कार्यशाला का समापन, बाल कवि सम्मेलन में बच्चों ने पढ़ी स्वरचित कविताएं

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भीमताल। बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यू कास्ट) के सौजन्य से राजकीय इंटर कॉलेज नौकुचियाताल में आयोजित बच्चों की 5 दिवसीय लेखन कार्यशाला के समापन समारोह के अवसर पर आयोजित बाल कवि सम्मेलन में भावना, राखी, नीरज, शीतल, तनीषा, भूमिका, विवेक व रागिनी आदि ने कंप्यूटर, मोबाइल, स्वच्छता अभियान, कोरोना, पेड़, प्राकृतिक रंग, डी जे, दूध, पानी आदि विषयों पर स्वरचित कविताएं पढ़ी। बाल कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कक्षा 8 की मुस्कान बाल्मीकि व संचालन कक्षा 8 की ज्योति आर्या ने किया। इस अवसर पर कार्यशाला में बच्चों द्वारा तैयार हस्तलिखित पुस्तकों की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कक्षा 6 से 8 तक के 45 बच्चों ने बाल विज्ञान, बाल संसार, बालप्रहरी, बाल स्वर, लोक विज्ञान, बाल भाव, बाल मन, बालवाटिका, बालिका स्वर, बच्चों की दुनिया, बाल ज्योति, नई किरण आदि नामों से अपनी अपनी हस्तलिखित पुस्तक तैयार की गई। हस्तलिखित पुस्तक में मेरा परिचय, मेरा गांव, मेरा स्कूल, जीवन की घटना, यात्रा वृतांत, ड्राइंग, छांस बनने की प्रक्रिया, फल व सब्जी संरक्षण, दही बनने की प्रक्रिया, कंपोस्ट खाद बनने की प्रक्रिया, डी जे के दुष्प्रणाम, अपनी भाषा कुमाउनी, बोली, नौकुचियाताल में नाव व्यवसाय आदि लोक विज्ञान व आंचलिक संस्कृति से संबंधित जानकारी हिंदी व कुमाउनी में लिखी गई। बच्चों ने ‘ज्ञान का दीया जलाने’ तथा ‘मैं तुमको विश्वास दूं’ समूह गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर श्री प्रदीप जोशी द्वारा कार्यशाला में बच्चों द्वारा तैयार रचनाओं को संकलित कर तैयार हस्तलिखित पत्रिका’ नौकुचियाताल दर्पण’ का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। श्री कुनाल, रागिनी आर्या, गौरव पलड़िया, व शीतल नेगी द्वारा तैयार दीवार अखबार का लोकार्पण भी अतिथियों ने किया। प्रारंभ में अतिथियों ने कार्यशाला में शामिल सभी बच्चों को बैज लगाकर सम्मानित किया। बच्चों ने औरेगैमी के तहत अखबार से बनाए मुकुट अतिथियों को पहनाए। बालप्रहरी के संपादक एवं बाल साहित्य संस्थान के सचिव उदय किरौला ने कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत करते हुए बच्चों को ‘एक आदमी की कहानी’ के माध्यम से अंध विश्वास व वैज्ञानिक जागरूकता से संबंधित विषयों पर संवाद किया।
इस अवसर पर आयोजित त्वरित भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले प्रशांत भट्ट, सूरज पलड़िया, यामिनी आर्या, गुंजन पलड़िया व रवि को पुरस्कार में बाल साहित्य दिया गया। ज्योति आर्या तथा अभ्युदय आगरकोटी का सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी बतौर चुनाव बच्चों ने खुले सत्र में किया गया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि नेहरू युवा केंद्र के सेवानिवृत्त महानिदेशक दयानंद आर्य ने बच्चों की प्रस्तुति को देखने के बाद कहा कि इस कार्यशाला का नाम लेखन कार्यशाला है परंतु इस कार्यशाला में बच्चों के मन में वैज्ञानिक सोच जाग्रत करने तथा खेल व गीतों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास की परिकल्पना निहित है। प्रधानाचार्य श्री गोपाल स्वरूप कोहली ने कहा कि आज विज्ञान के युग में भी हमारे समाज में भूत चुड़ैल जैसे अंधविश्वास व्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि पढ़े लिखे लोग भी अंध विश्वास की जकड़ में हैं। उन्होंने कहा कि हमें क्यों कैसे तथा क्या तर्क – वितर्क करने की क्षमता बच्चों के मन में जाग्रत करनी होगी। कार्यशाला के स्थानीय संयोजक प्रदीप जोशी ने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन के दौर में बेमौसम वर्षा, बादल फटने, सूखा और अतिवृष्टि जैसी घटनाएं हो रही हैं। पौलीथीन के अंधाधुंध प्रयोग के कारण पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है इसके लिए उन्होंने वृक्षारोपण अभियान को व्यापक तौर पर चलाने की बात कही। समारोह को विशिष्ट अतिथि आर डी पंत, कला पंत आदि ने भी संबोधित किया। समारोह का संचालन कक्षा 8 की छात्रा ज्योति आर्या ने किया। अंत में प्रदीप सनवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा अभिभावक उपस्थित थे। आज प्रातःकालीन सत्र में बच्चों को अखबार के मोड़ से रेखागणित को सरल भाषा में सिखाया गया।
5 दिवसीय लेखन कार्यशाला में बालप्रहरी के संपादक उदय किरौला, भारत ज्ञान विज्ञान समिति के प्रमोद तिवारी, नीरज पंत, अनिल पुनेठा, प्रदीप जोशी, गोपाल प्रसाद, प्रदीप सनवाल, कला पंत ने बतौर संदर्भदाता सहयोग किया।

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आर जी नौटियाल का संदेश

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