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(पांचवी कड़ी……) क्यों ​हुई बद्रेश्वर की रामलीला बंद—पढ़े पूरा विवरण

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चार बजे रामलीला कमेटी की बैठक हुई जिसमें उसी सायंकाल से सत्याग्रह करने का निश्चय किया गया ​और इसका संचालन करने के लिए तीन सज्जनों की सत्याग्रह उपसमिति बनाई गई देवी दत्त पंत सभापति रामलीला कमेटी श्री प्यारे लाल गुप्ता मंत्री जि0 का श्री द्वारिका प्रसाद अग्रवाल सभापति नगर कांग्रेस और सत्याग्रह को आरम्भ करने के लिए निम्नलिखित 5 सज्जनों को स्वीकृति दी गई श्री मदन मोहन अग्रवाल म्यू0 कमिश्नर व मंत्री रामलीला कमेटी, श्री गंगा सिंह मंत्री नगर कांग्रेसकमेटी, श्री गंगा राम वर्मा, लालाबाजार, श्री वेदप्रकाश बंसल, सुप्रसिद्ध नर्तक नन्दन जोशी उपमंत्री रामलीला कमेटी, इसके उपरांत श्री नन्दा देवी में एक विराट सार्वजनिक सभा में श्री देवीदत्त पंत जी व श्री प्यारे लाल गुप्ता जी ने सत्याग्रह के भावी कार्यक्रम पर प्रकाश डाला तथा विस्तापूर्वक बतलाया कि श्री रामलीला कमेटी ने समझौते तथा शां​तिस्थापना के लिए क्या—क्या प्रयत्न किये और किस प्रकार वर्तमान परिस्थिति उत्पन्न हुई। सत्याग्रहियों के नेत्त्व में एक विशाल जलूस श्री नन्दादेवी से बाजारों बजार श्री बद्रेश्वर की ओर चला रात हो जाने पर भी स्थान—स्थान पर भीड़ इतनी बढ़ गई थी कि नियंत्रण करना कठिन हो गया। स्थानीय नगर मजिस्ट्रेट स्टेशन आफीसर व 12 बंदूक बंद पुलिस कांसटेबलों के साथ बद्रेश्वर के फाटक के पास खड़े थे। सत्याग्र​ही गिरफ्तार कर लिये गए। जहां एक ओर समझौते के लिए पयत्न हो रहे थे दूसरी ओर सत्याग्रह के लिए तैयारियां हो रही थी। ठीक 12 बजे से नगर में हड़ताल हो गई। ऐसी हड़ताल पहले कभी देखने में नहीं आई इसी समय श्री नन्दादेवी मैदान में एक सार्वजनिक सभा हुई श्री हर गोविंद पंत भी सभा में सम्मलित हुये थे आपने एक प्रभावशाली भाषण द्वारा जनता को अपने अधिकारों की रक्षा के निमित उठाये गये अस्त्र का शांतिपूर्ण प्रयोग करने तक उसे महात्मा गांधी के आदेशानुसार चलाने को कहा। आपने यह भी व्यक्त किया कि सम्भव हो उन्हें भी परिस्थिति के अनुसार इसमें अपना योग देना पड़े। श्री प्यारे लाल गुप्ता ने भी अपने भाषण द्वारा उपस्थित जनता से विज्ञप्ति की कि वह हरगोविंद पंतजी द्वारा दी गई सलाह के अनुसार चले तथा सत्याग्रह में नियंत्रण रखने पर जोर दिया। तदुपरांत 10 सत्याग्रहियों का जत्था श्री नन्दादेवी मैदान से श्री बद्रेश्वर मंदिर के पास पहुंचा। वहां अतिरिक्त डिप्टी कलैक्टर थानेदार व पुलिस कांसटेबल उपस्थित थे। सत्याग्रहियों के संचालकों ने सारी भीड़ को बद्रेश्वर के मैदान के ऊपर ही रोक दिया और उन्होंने भीड़ पर पूरा नियंत्रण रखा अन्यथा सरकारी कर्मचारियों के लिए सर्वथा असम्भव था कि वे विशाल जनसमुदाय के बद्रेश्वर में घुंसने से रोक देते। बद्रेश्वर मन्दिर के आस—पास सब जगह दर्शनार्थी भरे हुए थे। इतनी भीड़ कभी रामलीला के उत्सव में देखने में नहीं आई। सत्या्रही 5—5 के जत्थे में बद्रेश्वर मैदान में गए और गिरफ्तार कर लिये गये। इसके बाद श्री नन्दादेवी मन्दिर से मुसलमान, हरिजन, बाल्मिकी व महिलायें भी थी। जलूस पुन: नियत स्थान पर पहुंचा और 5—5 के जत्थों में सत्याग्रही गिरफ्तार कर लिये गये
शेष अगली कड़ी में………..

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