Tue. Jan 26th, 2021

शक्ति न्यूज अल्मोड़ा |

1918 से प्रकाशित शक्ति अखबार का डिजीटल प्लेटफार्म

सरकारी सेवा मानकों के उल्लघंन करने पर देहरादून जिला जज ​को उच्च न्यायालय ने किया सस्पेंड

1 min read
Slider

संवाद। एस एस कपकोटी।
जहां दुनिया को सही गलत का रास्ता दिखाने वाले जज ही अपने पद की ​​गरिमा को भूलने लग जाये तो ऐसे न्यायपालक से आम आदमी न्याय की उम्मीद किस प्रकार करें। वर्तमान समय में न्याय मंदिर कहें जाने वाला न्यायालय में जजों को न्याय का देवता माना जाता है और इन्हीं जजों के द्वारा आये दिन न्याय पालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने का कृत्य सामने आ रहे है। उससे अब लोगों का विश्वास न्याय पालिका से भी उठने लगा है। एक ऐसा ही मामला देहरादून से सामने आया है जिसमें देहरादून के जिला जज को अपना सरकारी वाहन छोड़ कर आरोपी के व्यक्ति के वाहन में कोर्ट जाने पर उच्च न्यायालय ने सस्पेंड कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार देहरादून के मसूरी कोर्ट में तैनात जिला जज प्रशांत जोशी 21 व 22 दिसम्बर को मसूरी कोर्ट जाने के लिए अपने सरकारी वाहन को छोड़कर के के सोनी नामक व्यक्ति की निजी कार में गये। बताया जा रहा है के के सोनी के विरूद्ध कुछ दिन पहले देेहरादून के राजपुर थाने में कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। जिसके बाद के के सोनी की ओर से उस एफआईआर को निरस्त करने के लिए उच्च न्यायालय में रिट दाखिल की थी। जिस कार से जज प्रशांत जोशी कोर्ट गये थे वह कार मसूरी कोर्ट परिसर के बाहर खड़ी दिखी। हाईकोर्ट ने जज के कारनामें को सरकारी सेवा मानको का उल्लघंन माना है और उस कार के नंबर का भी अपने आदेश में उल्लेख किया है। उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल एचएस बोनाल की ओर से जारी आदेश में मंसूरी जिला जज को तत्काल प्रभाव से र्बखास्त कर रुद्रप्रयाग कोर्ट में अटेच कर दिया गया है।

Copyright © शक्ति न्यूज़ | Newsphere by AF themes.