June 18, 2021

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संपन्न हुआ राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन का दो दिवसीय छठा शोधार्थी सम्मेलन

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राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन का दो दिवसीय छठा शोधार्थी सम्मेलन के दूसरे दिन 18 से अधिक शोधार्थियों ने आनलाईन अपने शोध कार्यों की प्रस्तुति दी और विभिन्न तकनीकी सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने उनके शोध कार्य की गंभीरता को परखा।
इस अवसर पर विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने हिमालय जैव विविधता के बारे में प्रकाश डालते हुवे बताया कि हिमालय जैव विविधता में अपार संभावनाओं से भरा है। जिसमें यहां जीवों पुष्षों, सरिसृप, आर्किड तथा जलीय जीवों तितलियों और कीटों पर जो महत्वपूर्ण अनुसंधान हो रहे है उन पर शोर्धाथियों को गंभीरता से शोध कार्यो को निरंतर जारी रखना होगा। सम्मेलन के प्रथम सत्र में भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के डाॅ जी0एस0 रावत, बाॅटनिकल सर्वे आफ इण्डिया के डाॅ डी0 के0 सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ एस0 के नंदी, वानिकी शोध संस्थान देहरादून के डाॅ एच0एस0 गिनवाल ने शोध प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। इस अवसर पर बाबा गुलाम साह बादशाह विश्वविद्यालय जम्मू कश्मीर के साजिद खान, शेर ए कश्मीर विश्वविद्यालय जम्मू कश्मीर के उमर अता, बाॅटनिकल सर्वे आफ इण्डिया से डाॅ रिजूपालिका राॅय, व श्रयाशी नायक, संचायता सेन गुप्ता, सैक चक्रवर्ती, स्वाद्वीप सरकार, ओंद्रिला चक्रवर्ती आदि ने अपने शोध कार्याे की प्रस्तुति दी।
द्वितीय तकनीकी सत्र में सिक्किम मणिपुर विश्वविद्यालय से अभिषेक ब्याहुत, सलूनी विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश से डाॅ मीनाक्षी व रोहित कुमार नड्डा, राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान असम से डाॅ साहबुद्दीन अहमद, डाॅ दीपक भारद्वाज, सिद्धी जैन, शांतनू, दाता मरोती पवड़े, चौधरी विशाल शरद, व एश्वर्या जाला ने अपनी प्रस्तुतियां दी। इस सत्र में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली से डाॅ डी0सी0 उप्रेती, राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान के डाॅ एन0 के नैयर, संस्थान से डाॅ ए0 के0 नंदी, व डाॅ आई0डी0 भटट ने शोध प्रस्तुतियों को मूल्यांकन कर आवश्यक सुझाव दिए। शोधार्थियों ने विभिन्न विषयों यथा हिमालयी आर्किड प्रजातियों के अध्ययन, वन्य गैर काष्ठ उत्पादों, वन औषधीय पौधों, तिमूर, गिमार, करमल, ममीरी आदि पौधों के औषधीय प्रभावों, लोकज्ञान और स्थानीय पारिस्थतिकीय ज्ञान, आदि पर किए जा रहे अपने अनुसंधान, पद्धति और उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संस्थान के निदेशक डाॅ आर एस रावल ने सभी को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह मंच शोध कार्योें की गुणवत्ता को नए शिखर पर ले जाने का काम करेगा। राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन के नोडल अधिकारी इं0 किरीट कुमार ने सभी शोधार्थियों से इस मूल्यांकन से आए सुझावों से शोध कार्यों को गुणवत्तापूर्ण बनाने का आहवाहन किया। कार्यक्रम का संचालन परियोजना वैज्ञानिक ईं0 सैयद रौउल्ला अली द्वारा किया गया। संस्थान से डाॅ रंजन जोशी, इं0 आशुतोष तिवारी, पुनीत सिराड़ी, आशीष जोशी, अरविंद टम्टा, जगदीश कुमार, योगेश परिहार आदि ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आर जी नौटियाल का संदेश

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