July 7, 2022

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राष्ट्रीय व्यक्तित्व विकास संगोष्ठी

अल्मोड़ा। आज 29 सितम्बर 2019 को रा0इ0का0 अल्मोड़ा में गत दिन से चल रही ”राष्ट्रीय व्यक्तित्व विकास संगोष्ठी” के दूसरे दिवस — ”शिक्षकों एवं शोधार्थियों हेतु संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें ”स्वामी विवेकानन्द के विचारों की वर्तमान प्रासंगिकर्ता विषय के तहत वक्ताओं ने क्रमश: वक्तव्य एवं शोध पत्र प्रस्तुत किये।
उद्घाटन सत्र के आरम्भ में प्रसिद्ध इतिहासकार व पुराविद् प्रो0 एम0पी0जोशी ने आधार व्याख्यान देते हुये वर्तमान में स्वामी विवेकानन्द के विचारों की वास्तविकता आवश्यकताओं और प्रासंगिकता की बात कही। तत्पश्चात् ”प्रबुद्ध भारत के संपादक स्वामी नरसिन्हानन्द ने कहा कि सम्पूर्ण समाज को धारण करने वाली शक्ति ही धर्म है और इसके महत्व को बताया। अल्मोड़ा पालिकाध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी ने भारतीय संस्कृति को विश्व ​बंधुत्व की संस्कृति बताते हुये इसे बताया। स्वामी निखिलेश्वरानन्द ने विश्व शांति व मानसिक शांति को प्राप्त करना और अंतर्मन की दिव्यता को जागृत करने की बात कही। आगे ”लक्ष्मी आश्रम” की सुश्री राधा भट्ट ने नारीत्व जागृति युवा उत्थान पर अपने विचार रखे एवं अंत में अद्वैत आश्रम को अध्यक्ष स्वामी शुद्धिदानन्द ने भारतीयता, भारतीय संस्कृति और सभ्यता पर गर्व करने की बात कही।
तकनीकी सत्र में शोधछात्राओं—छात्रों ने अपने—अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये। संचालन डॉ0 चन्द्र प्रकाश फुलेरिया व डॉ0 दिवा भट्ट, ने किया। संगोष्ठी की सफलता में प्रताप सिंह भण्डारी, कुलदीप भण्डारी, रखी, गोविंद सिंह, संजना, दिव्यांशा, राहुल, हरिदत्त, नवीन, देवेन्द्र सिंह, रेखा समेत कई सेवार्थियों ने अपनी—अपनी भूमिका निभाई।

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