May 26, 2022

Shakti Almora

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बारिश सब पर पड़ रही है भारी अति वृष्टि की तबाही

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पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश से जहां जनजीवन अस्त व्यस्त है वहीं लोगों की मुश्किले बढ़ गई है। कई मोटर मार्गो में मलबा आने से यातायात अवरुद्ध हो गया है अल्मोड़े-बागेष्वर-पिथौरागढ़-चम्पावत-टनकपुर में कई सड़के अवरुद्ध है स्थान-स्थान पर भू-कटाव हो रहा है अगस्त तीसरे सप्ताह में अतिवृष्टि और भू-स्खलन से उत्तराखण्ड में जो तबाही हुई है। वह डराने वाला है कहीं बादल फट रहे तो कहीं भू-स्खलन हो रहा है कही पुल बह रहे है तो कहीं पूरी सड़क ही अतिवृष्टि की भेंट चढ़ रही है।
मूसलाधार बारिश से हिमांचल प्रदेश और उत्तराखण्ड में भारी तबाही मचाई है उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी के
आराकोट में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। वर्षा और भू-स्खलन के कारण पेयजल और बिजली की लाइने क्षतिग्रस्त हुई है और चारधाम की पैदल यात्रा रोकनी पड़ी।
उत्तराकाशी के मोरी तहसील में बादल फटने से आराकोट में 12 लोगों की मौत होने सात के घायल और पांच लोगों के लापता होने की अभी तक पुष्टि हो चुकी हैं आराकोट क्षेत्र में आपदा से मची तबाही में आपदा प्रभावित गांवों में सड़क और संपर्क मार्ग ध्वस्त होने से राहत और बचाव कार्य में दिक्कते आ रही है। क्षेत्र में सबसे अधिक आपदा प्रभावित माकुड़ी और टिकोत्री गांव है जहां सहायता के लिए एसडीआरएफ और आईटीबीपी की
टीमों को हेलीकाप्टर से उक्त गांवों में अतारा गया है तथा वहा रेस्क्यू अभियान शुरु कर दिया गया है। सात घायलों को इलाज के लिए हेलीकाप्टर से देहरादून भेजा गया है। अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है।
कुमाऊं में मलवे और बोल्डरों से 31 सड़के बंद है नैनीताल में 8, अल्मोड़ा में 4, बागेष्वर में 11, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों में 10 सड़के बंद है।

उत्तराकाशी में आपदा क्षेत्र मोरी तहसील का आज प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत दौरा करेगे इससे पूर्व उन्होंने देश के ग्रह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मिलकर आपदा पीड़ितो के लिए केन्द्र से अधिक से अधिक सहायता की मांग की थी।
वहीं प्रदेश के दो मंत्री सुबोध उनिपाल और डा0 धन सिंह रावत आराकोट पहुंचकर राहत और बचाव कार्यो की निगरानी कर रहे है।

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