May 26, 2022

Shakti Almora

-since from 1815

विकास प्राधिकरण के उत्पीड़न से अब होने लगी आत्महत्यायें

उत्तराखण्ड सरकार ने प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में विकास प्राधिकरण के अव्यवहारिक नियम लगा कर पहाड़ के लोगों का जीवन दूभर कर दिया है। इस प्राधिकरण के लागू होने पर जहां लोगों का भूमि में मकान निर्माण करना टेढ़ी खीर हो गया है वहीं प्राधिकारण से नक्शा पास करना एक बड़ी जटिल समस्या हो गयी है लोग न तो अपने पुराने भवनों की मरम्मत कर पा रहे है और ना ही नये मकान बना पा रहे है कारण विकास प्राधिकरण की आपत्ति।
विकास प्राधिकरण के विरोध में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत आदि जनपदों में प्राधिकरण विरोधी मोर्चे भी बने है तथा ये प्राधिकरण को पहाड़ी क्षेत्रों से समाप्त किए जाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करते आए है। अल्मोड़ा मे तो पिछले 22 माह से विकास प्राधिकरण का विरोध हो रहा है। बागेश्वर में अब इस प्राधिकरण के कारण लोग आत्महत्याये करने लग गये हैं:— कारण विकास प्राधिकरण की कार्यवाहियां। अब स्थिति ऐसाी हो गयी है कि प्राधिकरण के लोगों को संतुष्ट किये बिना नक्शे स्वीकृत हो पाते है और न जीर्णशीर्ण मकानों का पुर्ननिर्माण ही।
बुधवार को बागेश्वर में मोहल्ला मेहनर बूंगा निवासी कल्याण सिंह ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली कारण डीडीए द्वारा उनके मकान का ध्वस्त्किरण करने के साथ ही 10 हजाररुपया जुर्माना अदा करने का फरमान जारी किया। जिससे परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली सोसाइड नोट में मृतक ने डीडीए के एक अधिकारी पर उत्पीड़न का आरोप भी लगाया। इससे ठीक एक पखवाड़े पूर्व मुहल्ला कठायत बाड़ा निवासी पूर्व सैनिक देवकी नन्दन भट्ट ने डीडीए की कार्यवाही से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी।
डीडीए के अधिकारी तथा प्रशासनिक अमला बचने के लिए अ​ब कई प्रकार के बहाने ढ़ूढ़ने लग गये है।
इतना अवश्य है बागेश्वर में इस घटना के बाद लोगों में उबाल है और पंकज पाण्डे नागरिक मंच, अनिल मेहता उब्बू प्राधिकरण हटाओं मंच तथा सवाल संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष रमेश पाण्डे कृषक ने इस घटना की कड़ी निन्दा करते हुए आज से बड़े आन्दोलन का एलान किया तथा कहा है आवश्यकता पड़ने पर बंद व चक्कर जाम तक किया जायेगा। क्या सरकार आत्महत्याओं के लिए लोगों को बाघ्य करते रहेगी या विकास प्राधिकरण को पर्वतीय क्षेत्रों से समाप्त करने की कार्यवाही करेगी।

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.