June 18, 2021

शक्ति न्यूज अल्मोड़ा |

1918 से प्रकाशित शक्ति अखबार का डिजीटल प्लेटफार्म

अल्मोड़ा पुलिस का सराहनीय प्रयास – मिशन हौसला के अन्तर्गत पुलिस विभाग द्वारा रक्तदान

अल्मोड़ा चीनाखान में धूमधाम से मनाया गया वट सावित्री पर्व

1 min read

Subscribe Channel

रिपोर्ट। एस एस कपकोटी
अल्मोडा। जीवन के हर पल में धार्मिक पूजा पाठ उपवास एवं अनुष्ठानों का विशेष महत्व है । लेकिन उत्तराखण्ड में धार्मिक अनुष्ठान पूजा पाठ व व्रत आदि का अपना अलग ही महत्व है यहां लोग आस्था वादी हैं और भगवान पर अपूर्ण आस्था रखते हैं। इसीलिए उत्तराखण्ड को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है। उत्तराखण्ड में ज्येष्ठ माह की अमावस्या को वट सावित्री के दिन का सुहागिनी स्त्रियों के लिए विशेष महत्व है। अपने पति की लम्बी उम्र की कामना के लिए सुहागिनी स्त्रियां इस दिन उपवास रखती हैं और वट वृक्ष की पूजा करती हैं। अल्मोड़ा में भी सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लम्बी आयु की कामना के साथ घरों में सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क के सांथ वट सावित्री की पूजा अर्चना कर अपने पति की दीर्घायु के लिए वरदान मांगा। और कोरोना जैसी महामारी से निजाद देने की कामना की गई।
आज जहां पूरे देश में करवाचौथ व्रत का महत्व काफी हो गया है। वहीं उत्तराखण्ड में और पहाड़ों में अब भी पौराणिक वट सावित्री व्रत की विशेष मान्यता है। एक पौराणिक कहावत के अनुसार सावित्री ने यमराज से अपने मृत पति के प्राण वापस मांग लिये थे उसी से प्रेरित होकर सुहागिन स्त्रियां इस व्रत को करती हैं। महिलाओं ने कहा कि भले ही आज देश में करवाचौथ व्रत का चलन हो गया है। मगर हमारी पौराणिक मान्यता के अनुसार वट सावित्री व्रत एवं पूजा का विशेष महत्व है। सुहागिन स्त्रियां वट के पेड़ को रक्षा धागा अथवा कलावा बांधकर उसकी पूजा अर्चना करती हैं और पति की लम्बी उम्र की कामना करती हैं। कहा कि इस बार कोरोना महामारी के चलते लोग घरों में पुजा अर्चना कर इस व्रत को कर रही है उन्होंने कहा पति की दीर्घ आयु के सांथ ही कोरोना जैसी महामारी को खत्म करने की भगवान से कामना की है। इस दौरान प्रेमा उप्रेती, गीता उप्रेती, सुमन जोशी, श्रृष्टि, चंपा पांडे, मीनाक्षी तिवारी, सोनी तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर आर जी नौटियाल का संदेश

Copyright © शक्ति न्यूज़ | Newsphere by AF themes.