May 26, 2022

Shakti Almora

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क्यों हुई बद्रेश्वर की रामलीला बंद—पढ़े पूरा विवरण (दूसरी कड़ी…..)

दूसरी ओर रामलीला कमेटी का कहना था कि जनता को उस स्थान पर उत्सव करने का पूरा हक है क्योंकि वही विगत 60 वर्षों से यह उत्सव निर्विवाद रुप से मनाया गया है। स्थानीय अधिकारियों ने इस समस्या को सुलझाने का प्रयत्न किया और श्री रामलीला कमेटी से अनुरोध किया कि वे स्टेज बनाने के काय्र को ता0 14 अक्टूबर तक स्थगित कर दें। कमेटी ने इसे स्वीकार कर लिया और इस बीच अधिकारियों व कमेटी के बीच सलाह मशविरा होता रहा। ता0 13 को रामलीला कमेटी के प्रति​निधियों तथा स्थानीय अधिकारियों के बीच नगर कांग्रेस कमेटी के सभापति की उपस्थिति में फिर इस समस्या पर विचार हुआ। इस संकट से बाहर निकलने का कोई उपाय न देखकर कमेटी ने यह सुझाव उपस्थित किया कि यदि मुन्तजिम श्री जगदीश चन्द्र जोशी उस जमीन का बैनामा या उसकी खरीद के सम्बन्धित कागजात दिखला दें तो कमेटी श्री बद्रेश्वर में लीला करने का अपना अधिकार खो देगी, इस पर एक डिप्टी कलैक्टर साहब इस सुझाव को लेकर श्री जोशी के निवास स्थान ”सेन्ट्रल लौज” गए। कुछ देर बाद लौटने पर कहा जाता है कि उन्होंने कमेटी को सूचित किया कि श्री जोशी जी श्राद्ध पर बैठे हैं और उनके पास बहुत से कागजात हैं जो करीब तीन घंटे के बाद दिखलाए जा सकेंगे। इसके बाद सांयकाल 5 बजे कमेटी के प्रतिनिधि कचहरी में फिर बुलाये गये और उन्हें सूचित किया गया कि अधिकारी​ वर्ग ने कागजात देख लिये हैं और वे जोशी जी के अधिकार को स्वीकार करते हैं। इस पर कमेटी ने अनुरोध किया कि वे कागजात कमेटी के उपस्थित प्रतिनिधियों को भी दिखलायें जाये जैसा कि उनका सुझाव था। परंतु अधिकारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया और वे श्री जोशी की इसी बात का समर्थन करते रहे कि वे ही स्थान के पूर्णा अधिकारी हैं और उनके सर्मथन में उनका कहना था कि श्री जोशी व उनके पिताजी से उस स्थान पर लीला का आयोजन करने की स्वीकृति पिछले वर्षों प्राप्त की जाती रही। शेष अगली कड़ी में………..

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