September 25, 2021

शक्ति न्यूज अल्मोड़ा |

1918 से प्रकाशित शक्ति अखबार का डिजीटल प्लेटफार्म

Age Relaxation in Govt Jobs In Uttarakhand

​जानियें:— लोक चित्रकला में ऐपण का महत्व

1 min read
Mukhyamantri Vatsalya Yojana
546778f3-c32c-455b-a331-27f23100882a
27673308-6ab7-4439-9875-5ca44b4946e1
previous arrow
next arrow

कूर्मांचली संस्कृति में ऐपण शब्द प्रमुख हैं यह भारत के सभी क्षेत्रों में विविध रुप से प्रचलित है। जैसे महाराष्ट्र में रंगोली दक्षिण भारत में कोलम, बंगाल में अल्पना, बिहार के मिथिला में अरीपन, उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों में चौक पूरन, धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक कार्यो में इन कलाओं का अंकन महिलाओं द्वारा किया जाता है।
ऐपण कला का अपना ही महत्व है धार्मिक अनुष्ठानिक मांगलिक कार्यो में सजावट की बेलों का अंकन शुभ कार्य, शुभ समय, शुभ स्थान एवं शुभ उद्देश्य के आधार पर किया जाता है। ऐपण देने के लिए केवल दो चीजों की आवश्यकता होती है 1- लाल मिट्टी जिससे गेरु कहते है यह गांवों खदानों तथा बाजार में सुगमता से मिल जाता है। 2- चावल जो प्रत्येक घरों में उपलब्ध होता है। चावलों को भीगा कर तथा उन्हें पीस कर उसका विस्वार बनता है ऐपण देने से पहले गेरु को पानी में डूबोकर गाढ़ा घोल तैयार करना चाहिए उस स्थान पर विस्वार घोल कर अंगुलियों से ऐपण दिए जाते है।
कुमाऊं के लोक कलाओं का सम्बंध वस्तुत:त्रिआयामी अनुष्ठानिक और भौगोलिक यान्त्रिक पक्ष से है। कुमाऊंनी ऐपण कई प्रकार से दिए जाते है जिनमें स्वास्तिक यह देवता ग्रह का ऐपण है।
भद्र पूजा स्थलों में दिए जाने वाले ऐपणों में देवताओं का शासन भद्र है।
षट्कोणीय यंत्र पूजा ग्रह में देवता रखने के स्थान पर यह अंकित किया जाता है।
पंच शिखा यंत्र धार्मिक अनुष्ठानों या नवजात शिशु के जन्म के बाद मांगलिक कार्यों में कलश स्थापना अखण्ड दीप या प्रधान दीप के लिए इस यंत्र को प्रमुख माना गया है।
आसन चौकी इस चौकी में बैठ कर पूजा करना शुभ सूचक है।
स्नान चौकी बालक व बालिका के जन्मदिन से लेकर विवाह तक इस चौकी में बैठ कर कर्मकाण्ड के मंगल गीत गाकर हल्दी सरसों का उपटन कर स्नान कराया जाता है।
सूर्य दर्शन चौकी नवजात शिशु के जन्म के बाद नामकरण संस्कार के बाद शिशु को सूर्य का प्रथम दर्शन कराने के लिए इस सूर्य दर्शन चौकी का अंकन आंगन या पट्टे में किया जाता।
लक्ष्मी पौं दीपावली में तो यह घर के आंगन सीढ़ियों से लेकर प्रत्येक कक्षों और देवता ग्रह में लक्ष्मी पौं का अंकन ऐपण में प्रमुख है।
गणेश और सोलह मातृकाएं जन्माष्टमी पट्टा वेलें जीवमातृ का पट्ट सप्तऋषि और नाग पंचमी गंगा दशहरा नीबू चौकी, वर चौकी आदि कई प्रमुख ऐपण कुमाऊं में प्रसिद्ध है।
प्रस्तुति:— भूमिका

Copyright © शक्ति न्यूज़ | Newsphere by AF themes.