September 21, 2021

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Age Relaxation in Govt Jobs In Uttarakhand

यह भी जानिये:— विश्व प्रसिद्ध शल्य चिकित्सक डा0 नीलाम्बर जोशी अल्मोड़ा वासी थे

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2 अगस्त 1888 को चिन्तामणि जोशी के घर में जन्मे नीलाम्बर जोशी की प्रारम्भिक शिक्षा उत्तर प्रदेश और मघ्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हुई वे सेंट जांस कालेज आगरा से विज्ञान के स्नातक हुए और 1913 में लाहौर के मेडिकल कालेज से एमबीबीएस की उपाधि लेने के बाद उच्च शिक्षा अमेरिका से ग्रहण करने के बाद 1921 में स्वदेश लौट आये गले की सर्जरी व पीलपांव रोग पर महारथ हासिल की। कई स्थानों पर कार्य करने के उपरांत 1930 स्वतंत्र रुप से दिल्ली में कार्य करने लगे तथा चिकित्सा जगत में विख्यात होने लगे उनका सर्जरी का स्थान उत्तर भारत में एक प्रधान चिकित्सालय और सुश्रुषा ​केन्द्र के रुप में पारंगत हो गए। डा0 जोशी 1932 में अमेरिकन कालेज आफ सर्जन्स के फैलों चुने गए तथा एसोशियन आफ सर्जन्स इण्डिया के संस्थापक में से एक थे। उनके द्वारा स्थापित सुश्रुषा केन्द्र और चिकित्सालय को 1970 में उनके उत्तराधि​कारियों ने दिल्ली प्रशासन को सौंप दिया। चिकित्सा जगत में एक नक्षत्र की तरह चमके डा0 जोशी वक्ष कैंसर जैसे रोगों का इलाज करते थे। यह उस समय किया जब हमारे देश में चिकित्सा सुविधा का नितांत अभाव था। वे मरीजों के मसीहा थे अपनी अर्चना सभा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि डा0 जोशी गरीब के पास से पैसा नहीं लेता था तथा उनकी मृत्यु पर उन्होंने अपने पत्र हरिजन में एक लेख में उनकी सेवाओं का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रृद्धांजलि दी। 6 सितम्बर 1947 को उनका प्राणांत हो गया। (कैलाश पाण्डे)

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