September 18, 2021

शक्ति न्यूज अल्मोड़ा |

1918 से प्रकाशित शक्ति अखबार का डिजीटल प्लेटफार्म

Age Relaxation in Govt Jobs In Uttarakhand

रंगारंग कार्यक्रमों के साथ महोत्सव का समापन

1 min read
Mukhyamantri Vatsalya Yojana
546778f3-c32c-455b-a331-27f23100882a
27673308-6ab7-4439-9875-5ca44b4946e1
previous arrow
next arrow

पयर्टन को बढ़ावा देने एवं लोक संस्कृति के संरक्षण हेतु आयोजित अल्मोड़ा महोत्सव ने अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफलता हासिल की है। यह बात जिला अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने आज अल्मोड़ा महोत्सव के समापन के अवसर पर कही। उन्होने कहा की इस आयोजन को सफल बनाने में सभी लोगों ने पूर्ण सहयोग दिया इसके प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को धन्यवाद किया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस मेले के आयोजन में जो व्यवस्थायें समयाभाव के कारण पूर्ण नहीं की जा सकी उसेे अगले वर्षो में आयोजित होने वाले महोत्सव में पूर्ण करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जनपद में इन कार्यक्रमों की श्रृखंला में जहां पर भी कार्यक्रम आयोजित किये गये उन्हें दर्शकों ने सराहा। उन्होने कहा की बाहर से आये अनेक मशहूर कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से दर्शकों का मन मोहा।
इस महोत्सव में स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं नेे अपनी जो मनमोहक प्रस्तुति दी वो सराहनीय रहीं। वहीं इस दौरान फैशन शो, व मास्टर शैफ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया और विजेता प्रतिभागियों को पुरूस्कृत किया गया। इस दौरान जिला अधिकारी ने महोत्सव के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया द्वारा दिये गये सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। अंतिम दिन में हुए कार्यक्रमों में स्थानीय जीआईसी मैदान में विभिन्न स्कूली बच्चों द्वारा मनमोहक प्रस्तुति के अलावा अनेक सांस्कृतिक दलों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान ऐंपण एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें अनेक प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया और सुंदर पेंटिंग और ऐंपण बनाई गई। इस दौरान चार दिवसीय महोत्सव के दौरान हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों और उसमें विजेताओं को पुरस्कार वितरण भी किया गया।
महोत्सव के अन्तिम दिन स्टार नाईट में मिश्र के लोक नृत्य पर आधारित तनुरा डान्स इस दौरान आकर्षक का केन्द्र रहा। उनके अनोखे डान्स ने लोगों को खूब मनोरंजन किया। महोत्सव के अन्तिम रात स्टार नाइट सूफी कलाकार वारसी बन्धुओं ने भी खूब वाहवाही लूटी। उनकी कव्वालियों ने महोत्सव में चार चांद लगा दिये। ‘‘भर दो झोली या मोहम्मद लौट कर मैं न जाऊंगा खाली’’,‘‘मेरे रशके कमर तुने पहली नजर जब नजर से मिलाई मजा आ गया’’, ‘‘ऐ जो हल्का हल्का सरूर है’’, ‘‘दमादम मस्त कलंदर अली का पहला नम्बर’’ कव्वाली गीतों ने अल्मोड़ा वासियों को झूमने के लिये मजबूर कर किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने अपने शायराना सूफी अन्दाज में एक से बढ़कर एक कव्वालियाॅ प्रस्तुत की जिसका उपस्थित दर्शकों द्वारा खूब लुत्फ उठाया। इस दौरान जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने वारसी बन्धुओं द्वारा किये शानदार प्रस्तुतीकरण की प्रशंसा की और पूरी टीम को स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया। उन्होने अनेक प्रसिद्व कव्वालियों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
महोत्सव में प्रियंका महर ने भी अपने गानों से लोगों को खूब नचाया। ‘‘मेरा गोपाला मैं के छोड़ के न जेय’’ गीत ने दर्शकों को घूमने के लिये मजबूर कर दिया। इस युवा स्टार को लेकर दर्शकों में ज्यादा उत्साह देखना को मिला। गीतों को गाने में युवाओं द्वारा भी प्रियंका का पूरा साथ दिया गया। इस अवसर पर अपनी मधुर आवाज से अनेक पहाड़ी, गढ़वाली व हिन्दी गीतों को मिश्रण करके गा गया। उन्होंने‘‘चैता की चैत्वाल’’,‘‘थल की बाजारा’’,‘‘दमादम मस्त कलंदर अली का पहला नम्बर’’,‘‘रंगीलों मेरो ढोलना’’ सहित अनेक हिन्दी फिल्मों के गीतों से लोगों को नाचने के लिये मजबूर कर दिया और जिसका उपस्थित दर्शकों ने खूब लुफ्त उठाया। इस दौरान सभी कलाकारों को महोत्सव समिति द्वारा समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। महोत्सव के दौरान कोसी बैराज में विभिन्न साहसिक गतिविधियों का आयोजन भी आज अंतिम दिन भी जारी रहा। इस दौरान लोगो ने कयाकिंग, वाटर रोलर, वाटर जोर्बिंग, राॅक क्लाइबिंगए रैपिलिंग आदि का मजा लिया।

Copyright © शक्ति न्यूज़ | Newsphere by AF themes.