October 13, 2021

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दिलचस्प मोड़ पर पहुंचा जिंप अध्यक्ष का चुनाव

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अल्मोड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर बृहस्पतिवार 7 नवम्बर को मतदान होना है। अल्मोड़ा जिंप के 45 सदस्य निर्वाचित होकर आये है। जिन्होंने अध्यक्ष का चुनाव करना है।
भाजपा व कांग्रेस ने अपने अधिकृत प्रत्याशी इस चुनाव में खड़े किये है। भाजपा के महेश नयाल जो युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष भी है अपने निर्वाचन क्षेत्र से निर्विरोध चुनकर आये है। भाजपा सूत्रों के अनुसार उसके समर्थित 16 उम्मीदवार जीते है। किंतु इनमें से एक उम्मीदवार के कांग्रेस को समर्थन देने से इनकी संख्या 15 रह गई है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के समर्थन से 15 सदस्य जीतकर आये है इनमें से एक सदस्य सुरेन्द्र महरा बागी प्रत्याशी बनकर अध्यक्ष पद का उम्मीदवार लड़ रहे है वहीं कांग्रेस की ओर से अधिकृत प्रत्याशी श्री उमा सिंह बिष्ट है जो कि द्वाराहाट के पूर्व​ विधायक मदन सिंह की पत्नी है। मदन सिंह दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष रह चुके है।
मंगलवार को स्थानीय एक होटल में उक्राद के पूर्व केन्द्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक तथा कांग्रेस के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह महरा ने प्रेस से वार्ता कर कहा कि उनके पुत्र सुरेन्द्र महरा को उक्राद के साथ ही कुछ निर्दलीय सदस्यों का साथ मिला है तथा उनकी संख्या 8 हो गई है उन्होंने पीडीएफ (प्रोगेसिव डेमोक्रेटिव फ्रन्ट) भी बनाने का भी एलान किया तथा कहा वर्तमान में पीडीएफ के 8 जिला पंचायत सदस्य जो निर्वाचित होकर आये है उनके साथ है उनमें से 3 सदस्य उक्राद के समर्थन से जीतकर आए है। चौथे सदस्य स्वयं कांग्रेस के बागी सुरेन्द्र महरा है तथा 4 अन्य निर्दलीयों का साथ मिलने की बात कह रहे है।
हमारे राजनीतिक समीक्षक का मानना है कि पीडीएफ के जो भी सदस्य है उन्होंने जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में कुछ धनराशि अवश्य खर्च की होगी और हर कोई सदस्य यह चाहेगा कि उसके द्वारा चुनाव में खर्च की धन राशि वापस उसे मिले।
पीडीएफ की बैठक में जिला पंचायत सदस्यों की खरीद फरोक्त का आरोप भी लगाया गया इससे यह स्पष्ठ होता है कि कहीं न कही से उनके सदस्यों को भी प्रलोभन मिला होगा तभी उन्होंने यह आरोप लगाया ​भी होगा। जो भी हो मोहन सिंह महरा का पीडीएफ के गठन के बाद यदि सदस्यों का बटवारा भी करे तो कांग्रेस और भाजपा के पास 15—15 सदस्य उनके समर्थक है 7 ​सदस्य अभी निर्दलीय है उनका रुख जिस प्रत्याशी की ओर होगा वही इस चुनाव में बाजी मारेगा ऐसा राजनीतिक विशलेषकों का मानना है क्योंकि दोनों कांग्रेस व भाजपा के प्रत्याशी इन्हें अपनी ओर करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

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