October 13, 2021

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बजरंग बलि को उनकी शक्ति याद दिलाने के लिए नंदा देवी में लगा हनुमान जागर

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अल्मोड़ा। इन दिनों नगर में राम ​लीला मंचन जारी है। नगर में कई जगह रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में कुमांउ की प्राचीन और ऐतिहासिक नंदा देवी रामलीला के छठे दिन मंगलवार को हुवे रामलीला प्रसंग ने दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। रामलीला मंचन की शुरूआत में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक और भाजपा के वर्तमान में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तद्पश्चात नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना कर वंदना की प्रस्तुति की गयी और उसके बाद रामलीला मंचन का आरंभ कपटी मर्ग को मारने गये श्री राम ने अचानक लक्ष्मण को अपने सम्मुख देखकर आश्चर्य चकित होते हुवे कहा कि तुम सीता को वहां अकेले छोड़कर यहां क्यो चले आये जिसमे लक्ष्मण कहते है कि कोध में आकर सीता मां ने मुझे आपकी सहायता के लिए भेजा उसके बाद श्रीराम और लक्ष्मण वापस पंचवटी की ओर आते है वहां सीता को न देखकर राम विलाप करने लगते है जिसके बाद राम और लक्ष्मण सीता की खोज निकल पडते है। तभी रास्ते मेें उन्हें घायल अवस्था में जटायु मिलता है जिसमे वह बताता है कि रावण हवाई मार्ग से सीता को हर ले गया और युद्ध में उसकी ये दशा हो गयी तद्पश्चात राम जटायु का तारण करके उसके द्वारा बताये गये मार्ग पर सीता की खोज करने निकल पड़ते है। जिसके बाद राम और लक्ष्मण सीता की खोज में सबरी के आश्रम में पहुंते है और सबरी द्वारा उन्हें किसकिंधा पर्वत में सुग्रीव के बारे में बताया जाता है। जिसके बाद श्री राम और लक्ष्मण वहां पहुंचकर सुग्रीव के व्यथा सुनकर बाली का वध करते है और सुग्रीव को किसकिंधा का राजा घोषित करते है और सुग्रीव राम को भरोसा दिलाते है हम जानकी मां को जहां कही भी होगी ढूंढ कर लायेगे और हनुमान सहित सभी सेना को माता सीता की खोज के लिए लगा देते है। उधर प्रभु राम हनुमान को अंगुठी देकर ये कहते है कि जहां कही भी तुम्हें जानकी मिले उन्हे मेरीनिशानी देकर पहचान याद दिलाना।
इधर हनुमान को मिले श्राप के कारण हनुमान अपनी ताकत को भूले रहते है जिस कारण जामवंत, अंगत सहित पूरे सभा ने उनकों उनकी शक्ति याद दिलाने के लिए जो प्रयास किया गया उसे हनुमान जागर के रूप मे जाना जाता है। जिसके बाद हनुमान अपनी भूली हुई शक्तिायों का स्मरण कर अपने पूर्ण रूप में आ जाते है और एक लंबी छलाग में समुद्र को पार कर लंका पहुंच जाते है।

जहां उनकी मुलाकात सबसे पहले राम जाप करते हुवे विभिषण से होती है जिसे देख वह चौक जाते है और रावण के राज्य में राम नाम का जाप को देखकर वह विभिषण से इस बारे में पूछते है इसके बाद विभिषण के द्वारा उनकों सीता माता के अशोक वाटिया में होने की बात बताई जाती है जिसके बाद वह अशोक वाटिया में जाकर माता सीता को पहचान के स्वरूप श्री राम द्वारा दी गयी अंगूठी को देते है और कहते है मैं राम दूत हनुमान हूं और आपकी कुशल लेने के लिए ही उन्होंने मुझे भेजा है जिसके बाद अशोक वाटिका में फलों को देखकर लालयित होकर मां सीता से फल खाने की अनु​मति लेकर फल खाने के साथ साथ पूरी अशोक वाटिका को तहस—नहस कर देते है। जिसके बाद वहां अक्षय कुमार का आवागमन होता है जिसे वह युद्ध में मार देते है फिर उसके बाद रावण पुत्र मेघनाद उन्हेंं ब्रहफांस में बांधकर रावण के सम्मुख ले जाता है। जहां रावण अपने सैनिकों को हनुमान को मारने की बात कहता है लेकिन विभिषण के द्वारा रावण को बताया जाता है कि दूत को मारना पाप होता है बंदर को अपनी पूछ प्यारी होती है इसलिए इसकी पूछ में आग लगा दी जाय। अब हनुमान की पूछ में आग लगाने की तैयारी चल रही है महल के लगभग सभी कपड़े मंगाये गये लेकिन हनुमान की पूछ में कपड़े बांधने का काम पूरा नहीं हो पा रहा है।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे पूर्व विधायक और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा साथ ही इस मंचन को करा रहे रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप मेर, ​सचिव अर्जुन सिंह चीमा संयोजक प्रकाश पाण्डे, अतुल वर्मा, नवीन बिष्ट, संदीप साह, राजकुमार​ बिष्ट, जगदीश बिष्ट, मोहन जोशी, गणेश मेर, राजेश पालनी, पारितोष जोशी, हिमांशु परगांई, पी0सी0 जोशी, चंद्र मोहन, धन्नजय साह, संतोष मिश्रा, कवीश अरोड़ा शशि मोहन पाण्डे, हरीश बिष्ट , गोलू भट्ट ,प्रेम, पंकज सहित हारमोनियम में अमित बुधोड़ी, तबला शेखर सिजवाली, मेकअप दानिश आलम, दयाकृष्ण परंगाई, हरी विनोद साह, विशाल भट्ट, संजय साह आदि सभी लोग इस रामलीला मंचन में अपनी भागीदारी निभा रहे है।

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