January 25, 2022

शक्ति न्यूज अल्मोड़ा |

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बच्चों की जिंदगी से किया गया खिलवाड़ कोरोना के नियमों की उड़ाई गई धज्जियां

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अल्मोड़ा। जहां एक तरफ कोरोना दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है और हर कोई इस को लेकर चिंतित है प्रशासन ने भी 16 तारीख तक किसी भी प्रकार की रैली जनसमूह और शिक्षण संस्थानों को बंद किए जाने का आदेश दिये हैं और शासन प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे है। वहीं आज शहर के बीचो बीच स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कोरोना के नियमों की धज्जियां उड़ाई गई।


प्रधानाचार्य के आदेश पर टेबलेट वितरण को लेकर बच्चों को सामूहिक रूप से विद्यालय में बुलाया गया, जिसमें कोरोना गाइडलाइन को पूरी तरह दरकिनार किया गया, इस बात की भनक जब मीडिया को लगी तो मीडिया वहां पहुंची जिससे पता चला स्कूल की प्रधानाचार्य के आदेश पर टीचरों द्वारा कक्षा 10 और कक्षा 12 के बच्चों को टेबलेट वितरण करने के लिए बुलाया गया था। जब इस बारे में उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि प्रधानाचार्य द्वारा उनको व्हाट्सएप के माध्यम से मैसेज भेजा गया है जिसके अनुपालन में बच्चों को टेबलेट बांटा जा रहा है,जबकि प्रशासन के नियमानुसार टेबलेट के पैसे बच्चों के खाते में डीवीडी के माध्यम से डाले गए हैं और बच्चों को स्वयं टेबलेट खरीदना है स्कूल को संबंधित बच्चों व उनके अभिभावकों को केवल मार्गदर्शन करना है।
उधर इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी का कहना है कि बच्चों के खाते में डाली गई धनराशि से बच्चे किसी भी जगह से टेबलेट खरीद सकते हैं और टेबलेट क्रय की गई रसीद को वह स्कूल में जमा करेंगे, लेकिन इसके विपरीत बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य द्वारा यहां बच्चों को सामूहिक रूप में एक साथ बुलाकर टेबलेट वितरण किया जाना कोरोना के नियमों का खुला उल्लंघन किया गया टेबलेट बांट रहे युवक से संबंध में बात की गई तो उसने किसी भी प्रकार से लिखित आदेश होने की बात से इनकार किया।उधर बच्चों के अभिावकों का कहना है कि जो टेबलेट स्कुल में आये व्यक्ति द्धारा 12000 रूपये मेें दिया जा रहा है वह बाजार में 12 से कम में मिल रहा हैं।
तो सवाल यह खड़ा होता है कि जब शासन प्रशासन से इस तरीके से बच्चों को स्कूल में टेबलेट वितरण करने के कोई आदेश ही नहीं है तो किसके आदेश पर बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया, उधर इस संबंध में विद्यालय के कर्मचारी द्वारा प्रधानाचार्य की मीडिया कर्मियों की बात कराने पर प्रधानाचार्य द्वारा मीडिया कर्मियों से बदतमीजी की गई और उल्टा मीडिया कर्मियों पर ही आरोप लगाया गया कि अगर कोई बच्चा में टेबलेट नहीं खरीदेगा तो उसकी जिम्मेदारी मीडिया कर्मियों की होगी।
उधर मुख्य शिक्षा अधिकारी से जब इस संबध में अवगत कराया गया जो उनके द्धारा कहा गया कि उन्होनें प्रधानाचार्य से ऐसी गलती दुबारा किये जाने पर अवश्यक कार्यवाही किये जाने की बात कह कर पल्ला झाड लिया।
इसलिए प्रशासन को इस बात को गंभीरता से लेते हुए इस बात की जांच कोरोना के इस दौर में किसके आदेश पर बच्चों को सामुहिक रूप में विघालय में बुलाया गया औेर बच्चों की जिंदगी को खतरे में डाला गया।

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