October 10, 2021

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छंजर सभा के तत्वाधान में काव्य गोष्ठी का आयोजन

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अल्मोड़ा। छंजर सभा अल्मोड़ा के तत्वाधान में प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को आयोजित होने वाली काव्य गोष्ठी वर्तमान कोरोना काल (कोविड-19)के कारण 25 सितंबर की सायं 7बजे से वर्चुअली ऑनलाइन आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफ़ेसर डॉ.दिवा भट्ट द्वारा की गई,काव्य गोष्ठी का संचालन पिथौरागढ़ से नीरज पंत (प्रधानाचार्य) द्वारा किया गया। गोष्ठी का आरम्भ परंपरागत रूप से बीना जोशी (हल्द्वानी)द्वारा ईश वंदना तथा संचालक द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित कवि एवं साहित्यकारों के औपचारिक परिचय एवं स्वागत के साथ किया गया तत्पश्चात स्थानीय एवं बाहरी क्षेत्रों गाज़ियाबाद,हल्द्वानी आदि से सम्मिलित कवि साहित्यकारों द्वारा महिला सरोकारों,लोक संस्कृति,प्रचलित परंपरा आधारित रचनाओं के साथ अन्य वर्तमान विविध ज्वलंत एवं समसामयिक विषयों पर भी आधारित हिंदी व कुमाउनी में रचनाएं काव्य पाठ ग़ज़ल,नज़्म तथा गीत काव्य रूप में प्रस्तुत किये गए। गोष्ठी के अंत में अध्यक्षता कर रहीं विदुषी शिक्षाविद एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.दिवा भट्ट जी द्वारा सभी प्रतिभागी कवियों विशेषकर बाहरी क्षेत्रों से सम्मिलित हुए नवागंतुक कवि साहित्यकारों बीना जोशी,मीना पांडे एवं शांति प्रकाश ‘जिज्ञासु’ जी का आभार व्यक्त करते हुए अपनी रचना प्रस्तुत की..आज परिस्थितिजन्य कारणों से अपेक्षाकृत कम कवियों की उपस्थिति के पश्चात भी प्रस्तुत रचनाओं की उत्कृष्टता एवं स्तरीय होने की सराहना की..अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. दिवा भट्ट द्वारा विभिन्न विधाओं/विविध विषयों पर आधारित रचनाओं की विश्लेक्षणात्मक समीक्षा व पश्चपोषण करते हुए महत्वपूर्ण साहित्यिक मार्गदर्शन दिया,बाहरी क्षेत्र के सदस्यों को जोड़ने पर बल देते हुए प्रस्तुत जन सरोकारों से जुड़ी रचनाओं, छंद में बाँधकर लिखने के प्रयास की सराहना की, काव्य की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए गीत काव्य हेतु मार्गदर्शन दिया। कुछ कविताओं की विषयगत गंभीरता पर प्रेरक प्रतिक्रिया व्यक्त की। यह भी सुझाव दिया कि व्यस्तता के पश्चात भी गोष्ठियों में सहभागिता से कवियों द्वारा अलग अलग विधाओं में काव्य वाचन से काव्य पक्ष के विविध भावों से सीखने के अवसर प्राप्त होते हैं और रचनाओं को और अधिक समृद्ध व परिष्कृत किया जा सकता है तभी आयोजनों की सार्थकता भी सिद्ध होती है। तत्पश्चात काव्य गोष्ठी के समापन की औपचारिक घोषणा की‌। संचालन करते हुए नीरज पंत जी ने सभी का आभार एवं छंजर सभा के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रमों में सतत प्रतिभागिता करने के आह्वान के साथ कार्यक्रम समापन किया।

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