September 23, 2021

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Age Relaxation in Govt Jobs In Uttarakhand

क्यों हुई बद्रेश्वर की रामलीला बंद पढ़े ​पूरा विवरण (तीसरी कड़ी……) बद्रेश्वर में जनता की शानदार विजय अभूतपूर्व हिन्दू मुस्लिम एकत्र

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Mukhyamantri Vatsalya Yojana
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जनता द्वारा सत्याग्रह नौकरशाही हुक्म की मट्टी पलीद
ता0 16 की सायंकाल धारा 144 लागू होने से उत्पन्न परिस्थिति पर विचार करने के लिए नगर कांग्रेस कमेटी की बैठक हुयी। जिसमें निश्चय किया गया कि प्रान्तीय कांग्रेस कमेटी सरकार से अनुरोध करे कि धारा 144 वापस ले अथवा नगर कांग्रेसकमेटी को सत्याग्रह करने की अनुमति दे। प्रान्तीय कांग्रेस कमेटी को इसकी सूचना तार द्वारा दी गई व स्थानीय कांग्रेस नेता श्री बद्रीदत्त पाण्ड व श्री हरगोविन्द पंत को भी तार द्वारा सूचित किया गया कि वह शीघ्र अल्मोड़ा आने और इस गम्भीर परिस्थिति को सुलझाने का प्रयत्न करें। नगर कांग्रेस कमेटी ने प्रा0 कांग्रेस कमेटी की अनुमति प्राप्त होने पर सत्याग्रह करने के ​लिए 500 स्वयंसेवक भर्ती करने का निश्चय किया। ता0 17 को लखनऊ से भी हरगोविंद पंत जी का तार भी श्रीराम लीला कमेटी के सभापति श्री देवीदत्त पंत जी के पास निम्न आशय का आया। ”ट्रस्टियों की आज्ञा प्राप्त करो वे उसे देंगे। ”श्री देवीदत्त पंत ने महात्मा गांधी के सच्चे अनुयायी की भांति समझौते के लिए प्रत्येक सम्भव उपाय काम में लाते हुए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के मार्फत श्री हरगोविंद पंत जी के आदेशानुसार अनुमति प्राप्त करने के लिए एक पत्र श्री जगदीश चन्द्र जोशी जी के पास भेजा।
जो ता0 17 की रात अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के पास पहुंचा दिया गया। जो सज्जन पत्र पहुंचाने गये उन्हें अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट संघ ने साहब ने सूचित किया कि वे दूसरे दिन पत्र का उत्तर प्राप्त कर ताड़ीखेत के लिए प्रस्थान करने के पूर्व ही देवीदत्त पंत को सूचित कर देंगे। ता0 18 की प्रात: काल अति0 जिला मजिस्ट्रेट साहब सीटी मजिस्ट्रेट अतिरिक्त जिला कलैक्टर व डा0एस0ओ0 को लेकर बद्रेश्वर के मुन्तजिम श्री जोशी के निवास स्थान सैन्ट्रल लौज गये और वहां करीब डेढ़ धन्य वाद—विवाद करते रहे। परंतु श्री जोशी जी अपनी अनुमति देने के लिए उघत नहीं हुए। 19 ता0 को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट का एक पत्र श्री रामलीला कमेटी के सभापति को मिला जिसके साथ श्री जगदीश चन्द्र जोशी जी का पत्र भी था। जिसके द्वारा उन्होंने सूचित किया कि वे रामलीला के आयोजन की स्वीकृति नहीं दे सकते हैं। इस उत्तर पर विचार करने की रामलीला कमेटी की बैठक 20 अक्टूबर को हुई। जिसमें दो प्रस्ताव कमेटी के विचारार्थ व निवारर्णाथ उपस्थित किये गए। एक प्रस्ताव के द्वारा 144 के विरुद्ध सत्याग्रह करने का विचार था दूसरे प्रस्ताव में यह सुझाव था कि जन कभी दफा 144 की दफा वापस ली जाय कमेटी बद्रेश्वर में जाकर रामलीला का आयोजन करें और इस प्रकार अपने अधिकारों की रक्षा करें।
प्रस्ताव के महत्व को देखते हुए यह निश्चय किया गया कि इन्हें कमेटी के सदस्यों के विचारार्थ भेजा गया और दूसरे दिन बैठक में इन पर विचार हो। इसी बीच प्रान्तीय कांग्रेस कमेटी ने स्थानीय कांग्रेस कमेटी को उसके सत्याग्रह के आवेदन काउत्तर भेजते हुए लिखा कि सत्याग्रह उचित नहीं है और इस सम्बंध में प्रान्तीय सरकार से बाते हो रही है। ता0 22 को कमेटी की पुन: बैठक हुई और उपयुक्त प्रस्तावों पर विचार हुआ। सौभाग्यवश जिले के नेता श्री हरगोविंद पंत जी भी उस दिन विशेष निमंत्रण देकर बैठक में बुला लिये गये। स्मरण रहे कि पंत जी भी इसी दिन लखनऊ से यहां आये थे। रामलीला कमेटी ने पंत जी के विचारों को सुनने के बाद निश्चय किया कि उनके नेतृत्व में निमम्नलिखित सात सदस्यों का एक शिष्टमण्डल अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट से दूसरे दिन मिले और उपस्थि​त समस्या का कोई सर्वमान्य हल निकाला जाये। सर्व श्री हरगोविंद पंत एन0एल0ए0 देवीदत्त पंत सभापति रामलीला कमेटी, मदन मोहन अग्रवाल मंत्री रामलीला कमेटी प्यारे लाल गुप्ता मंत्री जिला कांग्रेस कमेटी, द्वारिका प्रसाद अग्रवाल सभापति नगर कांग्रेस कमेटी, मथुरादत्त जोशी वकील व देवीलाल साह, वहां नगर मजिस्ट्रेट भी उपस्थित थे। कुछ देर पश्चात् जगदीश चन्द्र जोशी जी भी कहां आ गये। उपयुक्त सज्जनों के अतिरिक्त सुप्रसिद्ध पत्रकार श्री पूरन चन्द्र अग्निहोत्री भी उपस्थित थे। सर्वप्रथम पं0 हरगोविंद पंत ने सूचित किया कि वे प्रान्त के प्रधानमंत्री श्री गोविंद बल्लभ पंत के निवास स्थान लखनऊ से आये है और श्री पंत जी ने श्री हरगोविंद पंत जी को आदेश दिया कि किसी प्रकार समझौता करवा ले और रामलीला का उत्सव बद्रेश्वर में ही मनाया जाय।
शेष चौथी कड़ी में………

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