October 10, 2021

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नंदा देवी में तोड़ा श्री राम ने शिवधनुष चारों तरफ हुई जय जयकार क्रोधित हुए परशुराम

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अल्मोड़ा। नगर में इन दिनों रामलीला मंचन का दौर जारी है यहां नन्दा देवी में शुक्रवार को श्रीराम ने शिव के धनुष को तोडा जिससे चारों ओर श्रीराम के जय जयकार होने लगी। पूरे देश में प्रसिद्ध ऐतिहासिक नंदा देवी मैं होने वाली रामलीला का अपना एक अलग ही महत्व है, इस रामलीला में मजे हुए कलाकारों द्वारा रामलीला के अलग-अलग पात्रों का अभिनय किया जाता है।


गुरुवार को नंदा देवी में सीता स्वयंवर और परशुराम लक्ष्मण संवाद ने दर्शकों का मन मोह लिया ,सीता स्वयंवर में देश विदेश से राजा आए और लंकापति रावण भी पहुचें,सा​थ ही महावली बाणाषुर भी पहुचें, जिनमें ​मुनि बिश्वामित्र के साथ श्रीराम और उनके छोटे भाई लक्ष्मण भी पहुचें । स्वयंबर में आये राजाओं ने धनुष को तोड़ने की कोशिश की लेकिन कोई भी राजा शिवजी के धनुष को 1 इंच तक नहीं हिला पाया, और इसको देख राजा जनक मायूस हो गए और विलाप करने लगे कि सीता के भाग्य में ही स्वयंवर नहीं लिखा था जिस प्रकार देश विदेश से आए हुए बलशाली राजाओं ने धनुष तोड़ना तो दूर की बात कोई भी राजा धनुष को तिलभर भी हिला तक नहीं सका उसे देखकर यह लगता है कि इस पृथ्वी में कोई भी बीर नही रहा, यह सुनकर लक्ष्मण क्रोधित हो गए और उन्होंने श्री राम से कहा कि राजा जनक ने कुल को दाग लगाने जैसी बात कही है मन करता है कि पूरी धरती को एक गेंद की तरह उठाकर दूर कही फैंक दूं, इसके बाद श्रीराम ने लक्ष्मण को समझाते हुए कि धैर्य रखो यह सब प्रभु की लीला है। और उसके बाद श्रीराम ने विश्वामित्र से धनुष तोड़ने की आज्ञा मांगी और शिव धनुष को तोड़ दिया, धनुष के टूटने से चारों तरफ श्रीराम की जय जयकार के नारे गूंजने लगे और आकाश से पुष्प वर्षा होने लगी उधर धनुष के टूटते ही शिवभक्त परशुराम क्रोधित हो गए अपनी भक्ति में लीन परशुराम को धनुष टूटते ही ऐसा लगा कि कहीं कुछ गलत हुआ है जिसके बाद जनक दरबार में पहुंचे परशुराम ने जनक दरबार में भीड़ को देखकर राजा जनक से पूछा कि आज दरबार में इतनी भीड़ कैसे है जब राजा जनक ने परशुराम से कहा कि मैंने बेटी सीता का स्वयंवर रचा था जिस कारण देश-विदेश से राजा यहां पर पधारे हुए हैं इतने में ही परशुराम की नजर टूटी हुई धनुष पर पड़ी तो आग बबूला हो गए और राजा जनक से क्रोधित होकर कहने लगे कि यह शिव धनुष किसने तोड़ा है और किसने यह हिमाकत की है उसका मुझे नाम बताओ नहीं तो मैं तुम्हारे राज्य को पूरा अलग पलट दूंगा, क्रोधित परशुराम को देख श्री ,राम ने हाथ जोड़कर विनम्र भाव से उन्हें बताया कि यह धनुष आपके एक सेवक ने ही तोड़ा है जिसके बाद परशुराम ने अपना गुस्सा राम पर निकालते हुए कहा कि धनुष को तोड़ने वाला मेरा शिष्य नहीं हो सकता है वह कहीं न कहीं मेरा दुश्मन हो सकता है ,ऐसा देख और सुनकर लक्ष्मण क्रोधित हो गए जिसके बाद लक्ष्मण परशुराम के साथ धनुष तोड़ने के बारे में संवाद शुरू हो जाता है और अंत में परशुराम श्री ,राम और लक्ष्मण को प्रणाम कर अपने गंतव्य को चले जाते हैं।
नंदा देवी रामलीला मंचन में रामलीला कमेटी द्वारा सुंदर व्यवस्था की गई है नवनियुक्त गीता भवन में रामलीला का मंचन किया जा रहा है ,मंदिर रामलीला कमेटी के सभी पदाधिकारी रामलीला मंचन की तैयारियों में पूरी जी जान से जुटे हुए हैं जिसमें से रामलीला कमेटी के सचिव अर्जुन सिंह चीमा लगातार पूरी व्यवस्थाओं को संभालते हुए आगंतुकों का अभिनंदन करते हुए रामलीला का पूरा संचालन कर रहे हैं।उन्होने शक्ति न्यूज के मुख्य संवाददाता एस एस कपकोटी द्वारा रामलीला का सीधा प्रशारण किये जाने पर शक्ति न्युज के संपादक और संवाददाता का रामलीला कमेटी की ओर आभर व्यक्त​ किया।

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