January 26, 2022

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लंबे जन संघर्षों से बना उत्तराखंड—तिवारी

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उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने यहां कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण किसी एक दल व नेता के संघर्ष से नहीं वरन राज्य के आम लोगों, छात्र युवा, महिला कर्मचारियों के लंबे संघर्षों से अस्तित्व में आया है। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी कल नैनीताल में उक्रांद अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी द्वारा दिए गए उस बयान पर टिप्पणी कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा कि इस राज्य का निर्माण उन्होंने किया इसको संवारेंगे भी वही। तिवारी ने कहा कि उक्रांद नेता स्वयं भाजपा और कांग्रेस की सरकारों में शामिल रहे तब भी वे कुछ नहीं कर पाए।तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड में चिपको, वन बचाओ, नशा नहीं रोजगार दो विश्वविद्यालय निर्माण, राज्य के लिएअंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली रोकने जैसे आंदोलनों में छात्रों, मजदूरों और किसानों के संघर्षों ने राज्य निर्माण का एक सशक्त आधार तैयार किया। और राज्य के नाम पर गठित राजनीतिक दल से पूर्व ही उत्तराखंड संघर्ष वाहिनी और उत्तराखंड की छात्र शक्ति ने 22 — 23 फरवरी 1978 को पहला सफल उत्तराखंड बंद आयोजित किया था।तिवारी ने कहा कि 1994 में राज्य के लिए हुए निर्णायक संघर्ष में हर क्षेत्र, जिला व राज्य मुख्यालय में अलग अलग संघर्ष समितियों के नेतृत्व में जनता को एकजुट किया था। और राज्य निर्माण का श्रेय उनकी सम्मिलित ताकत को जाता है।उपपा अध्यक्ष ने कहा कि यह राज्य का दुर्भाग्य है कि मात्र भाजपा, कांग्रेस को कोसने वाले क्षेत्रीय दल के नेता जब इन्हीं दलों की सरकारों में थे वे राज्य आंदोलन के मूल सवालों व भावना को ही भूल गए थे उनके इस व्यवहार से पैदा हुए अविश्वास से निपटना उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीति के लिए आज भी सबसे बड़ी चुनौती है। उपपा अध्यक्ष ने कहा कि सामाजिक, राजनीतिक व्यवस्था परिवर्तन के लिए एक विश्वशनीय क्षेत्रीय पार्टी की आवश्यकता है। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी वैचारिक प्रखरता की पूरी ताकत से राज्य के सपनों को साकार करने में जुटी है।उपपा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की सभी ताकतों को आत्मचिंतन करते हुए अपनी गलतियों को खुले मन से स्वीकार कर कांग्रेस, भाजपा और दिल्ली की कठपुलती सरकारों के खिलाफ एक सशक्त राजनीतिक विकल्प के लिए एकजुट होना चाहिए।

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